Ayodhya Ke Ram

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रामचंद्र कह गए सिया से
ऐसा कलियुग आएगा
रामायण की भूमि में
प्रमाण, राम का, माँगा जायेगा

राम राज्य सा राज नहीं
सो राम भरोसे, चल रहे हम
भले राम-राम से दिन आरम्भ
हे! राम से कष्ट ख़तम

राम-धुन से धैर्य मिला
रामलीला से कौतूहल
राम जाने क्यों आज के युग में
दैत्यी  शक्ति हुई प्रबल

जहाँ रामधारी हुआ दिनकर
रामचंद्र हुआ गुहा क्यों
ये छुरी सा सीताराम
पूजे चीन और मऊ

मुंह में राम बगल में छुरी
रखने वालों का सपना
राम नाम जपते जपते
माल पराया हो अपना

जहाँ राम नाम है, परम सत्य,
मांगा जा रहा वहाँ प्रमाण।
न्याय देवी के चक्षु खुलें तो
पाएँगीं घट-घट में राम

रघुपति राघव राजा राम
भारत के बापू गाते थे
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई
मंत्रमुग्ध अपनाते थे

खोजो मन, मानव, मिटटी
इतिहास, भविष्य या वर्तमान
चारों दिशाएं पुलकित होकर
करती हैं जिनका गुण-गान
भारत- भूमि के मनवांछित
थे, हैं, रहेंगे – सदैव श्री राम।

  • @dimple_kaul

8 thoughts on “Ayodhya Ke Ram”

  1. Ram is not just a lord from so called hindu mythology but an ideal person whom the world should follow for a ‘RAM RAJYA’, which is nothing but the reign of idealism, humanity, resilience, patience, purity, sincerity and all other virtues which even involve ‘tyaag’ for truth. He as u mentioned was not only god of hindus but worshipped by all in one way or other. Every religion lays a guideline of a perfect human being; THAT’S RAM.
    But characters like manthra, kaikayi, dhobi clan co- exist with his legacy..so r the current mayhem ppl who r questioning…

  2. अति सुंदर, मन प्रसन्न ही गया ।
    राममय देश के राममय परंतु अनभिज्ञ नागरिको को झंझोड़ देने वाली कविता।
    ऐसे ही लिखती रहें।
    जय श्री राम।

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