Category: Hindi Poetry

Play to listen कुर्बानी हुई ख़तम फ़र्ज़ी एक्टिविज्म का दबा बटन पशुओं के उत्पीड़न की पेटी बाँध के बेटा अधर्म को पुचकारता निर्लज्ज स्वार्थी आएगा संस्कृति धर्म को धुत्कारता सिखाने पर्यावरण हमें PETA – @dimple_kaul

Play to listen सर्वोच्च केवल न्यायालय वह सर्वोपरि अपने राम लल्ला आतिशबाज़ी ही छीनी है छीनोगे कैसे धर्म भला मूक पशु की चीत्कार कर देते हो अनसुनी हैं कोटि विषय सुलझाने को पर प्रिय आपको सनसनी अन्न के बोरे भर-भर कर यहाँ धर्म खरीदा जाता है बर्तानिया के बचे न्याय को नज़र वह नहीं आता […]

Play to listen   स्मृति पटल पर अंकित कर दो अखिल विश्व में जय कर दो   अनुनय विनय के क्षण बीते अब संयम और सत्य जीते   सिन्दूर में विष मिलाते संस्कृति को असभ्य जतलाते   होली, दिवाली,गणेशोत्सव में मचाते उपद्रवी कलरव   कल के जन्मे सम्प्रदाय आपत्ति जिन्हे पूजने पे गाय   गणित, […]

Play to listen Triple Talaq बाईस अगस्त की तारीख तवारीख बदलेगी क्या शिद्दत से की जिसके लिए कई बहनों ने इल्तजा   सदियों से करती आई है रस्म ये  ज़िंदगियाँ ख़ाक परवरदिगार सुने फरियाद ढह जाये अब ट्रिपल तलाक -@dimple_kaul

Play to listen Hindu Human Rights पीड़ित, शोषित जन मानस को दिया आश्रय जिसने किया विश्वास,उसका खंडित क्या कहें कैसे, किस-किस ने आश्रयदाता की मनुष्यता का भुगतान हुआ यूं ऋण भारतीयता जड़ से झरझर संस्कृति घोषित कृत्रिम विश्व गुरु पर हुआ निरंतर वर्षों विदेशी प्रहार विभाजित भूमि में ढूँढे विवश हिन्दू मानवाधिकार – @dimple_kaul

Play to listen Shamshan Ya Kabaristan एक वरिष्ठ पत्रकार उत्सुक हैं जानने को गोरखपुर के अबोध शिशुओं के शव कहाँ जाएँगे शमशान या कब्रिस्तान हमारे प्रेम,वात्सल्य एवं संवेदना से भरी श्रद्धांजलि लिए वे दिव्य-जीव मोक्ष मार्ग पर अग्रसर हैं आपकी संकीर्ण, स्वार्थी, निर्लज्ज,घृणित मानसिकता की चर्चा तो अब देश भर है जिस अंतरात्मा की आप […]

Vande Mataram Play to listen त्राहि माम की लगी गुहार जब पहुंची वह पहली बार देवभूमि के इक छोटे गाँव जहाँ धरा न अब तक पाँव सत्तर साल से हाथ ने बस लगा रहा उत्पात में उस हाथ की छोटी ऊँगली करती है खुद की ही चुगली जब कहती है के दूर- दराज़ पहुंची बस […]

Vande Mataram Play to listen केरल में केवल  गौ हत्या ? घर आदि शंकर का हुआ अपवित्र बर्बरता उनकी प्रकट हुई कपट से जिन्होंने उकेरे भारत के अनेक असहिष्णु  चित्र केरल में केवल  गौ हत्या ? घर आदि शंकर का हुआ अपवित्र गाँधी का नाम उधार लिए जो हिन्दू मुस्लिम दंगों पर अपनी रोटी सेंकते […]

Hum Dekhenge Play to listen हम देखेंगे के अब कोई ना देखेगा वह ज़ुल्म जिहाद का ज़लज़ला जिसका तुमको अब भी है गुमाँ अब के कोई ना देखेगा इस बार तो हम यह देखेंगे हम देखेंगे के अब कोई ना देखेगा वह दिन जब दीन हुआ हावी हैवानियत की उडी आंधी सेहरा से सूखी रूह […]

Ayodhya Ke Ram Play to listen रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलियुग आएगा रामायण की भूमि में प्रमाण, राम का, माँगा जायेगा राम राज्य सा राज नहीं सो राम भरोसे, चल रहे हम भले राम-राम से दिन आरम्भ हे! राम से कष्ट ख़तम राम-धुन से धैर्य मिला रामलीला से कौतूहल राम जाने क्यों आज […]

Sarabai Vs Sarabai used to one of my favourite shows on TV! I am  a fan of Rosesh & his poetry. Recently, I read a book by a scholar and was awestruck, wonderstruck and almost killed by a bike, not a truck!  The book and the research undertaken to write it, inspired me so much that I […]

पांच साल में एक बार हमने जमके किया प्रचार राजनैतिक कीचड में खिला कमल चुन ली एक बहुमत सरकार   Outsourcing के हम king बैंठेंगे outside the रिंग Money मेरे भाई is everything Now मेरे Tune पर they should sing   सत्य के सानिध्य में सनातन की संतान जर्जर न हो प्रजातंत्र फूंको उसमें प्राण […]