Hum Dekhenge

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हम देखेंगे

के अब कोई ना देखेगा

वह ज़ुल्म जिहाद का ज़लज़ला

जिसका तुमको अब भी है गुमाँ

अब के कोई ना देखेगा

इस बार तो हम यह देखेंगे

हम देखेंगे

के अब कोई ना देखेगा

वह दिन जब दीन हुआ हावी

हैवानियत की उडी आंधी

सेहरा से सूखी रूह लिए

दर पर दस्तक दहशत ने दी

अब के कोई ना देखेगा

इस बार तो हम यह देखेंगे

हम देखेंगे

के अब कोई ना देखेगा

देकर जब हवाला काबे का

बुत तोड़े गए, उठवाये गए

मुस्तकबिल की बुनियाद को जब

बाज़ारों में नीलाम किया

और समझे कि खुद का नाम किया

अब के कोई ना देखेगा

इस बार तो हम यह देखेंगे

हम देखेंगे

शान हमारे भारत की

माँ हिन्द के सब बाशिंदों की

भारत माँ की जय का नारा

गूँजेगा कोने कोने से

नफरत की हाट लगाए जो

बैठा है घात लगाए जो

उस शख्स, सोच, इरादे को

कर नेस्तोनाबूद , इस दुनिया से

रुख़सत होते

हम देखेंगे

इस बार तो हम यह देखेंगे

– @dimple_kaul

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